राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी व भूतपूर्व प्रधानमंत्री मंत्री लाला बहादुर शास्त्री का जयंती मनाया गया
राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी व भूतपूर्व प्रधानमंत्री मंत्री लाला बहादुर शास्त्री का जयंती मनाया गया
चर्चित इंडिया न्यूज़ विजय चौधरी ( समस्तीपुर ) हसनपुर प्रखंड के सर्व शोशल फाउंडेशन केन्द्र पर कुशल युवा प्रोग्राम के अन्तर्गत राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी एवं भूतपूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी जयंती दिवस समारोह पूर्वक मनाते हुए गांधी जी एवं शास्त्री जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजली अर्पित कर उन्हें श्रद्धा पूर्वक याद किया गया ।
इस अवसर पर फाउण्डेशन के सचिव रामनारायण मंडल उर्फ बच्ची मंडल ने कहा मैं स्वतंत्रता संग्राम को जन आंदोलन का स्वरूप देकर सत्याग्रह के रास्ते ब्रिटिश साम्राज्य के भारत से पांव उखाड़, अपने जीवन से संयम, सादगी और आत्मनियंत्रण का समस्त मानव जाति को संदेश देने वाले सत्य और अहिंसा के सबसे बड़े उपासक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनके जयंती दिवस पर नमन करता हूं।
वहीं उन्होंने भारत के दुसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी जयंती दिवस पर याद करते हुए कहा सादगी ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के लिए याद किए जानेवाले शास्त्री जी आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। शास्त्री जी ने देश के कठिन दौर में नेतृत्व किया और "जय जवान जय किसान" का प्रसिद्ध नारा दिये जो आज भी शास्त्री जी का नारा देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को रेखांकित करता है। उन्होंने महात्मा गांधी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। आज 2 अक्टूबर को समूचे देश में महात्मा गांधी जी की 157 वीं जयंती धूमधाम से गया ।
उन्होंने कहा गांधी जी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि सत्य, अहिंसा, त्याग और दृढ संकल्प का एक ऐसा प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया है।समानता, शांति और मानवता के प्रति गांधी जी के विचारों ने न केवल भारत को आजादी दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को एक नई दिशा भी दिखाई। गांधी जी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि सत्य, अहिंसा, त्याग और दृढ संकल्प का एक ऐसा प्रतीक है, जिसने पूरी दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया है। बापू का जीवन सिखाता है कि अडिग संकल्प और नैतिक मूल्यों के बल पर किसी भी बड़े अन्याय को परास्त किया जा सकता है। ताकत शारीरिक क्षमता से नहीं आती, यह तो एक अदम्य इच्छाशक्ति से उत्पन्न होती है। हमें महात्मा गांधी जी से सत्य बोलना, अहिंसा का पालन करना, सभी के प्रति समान भाव रखना, स्वच्छता अपनाना, सादगी से जीवन जीना तथा देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना सीखना चाहिए।उन्होंने कहा गांधी जयंती के अवसर पर उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और एक शांतिपूर्ण, स्वच्छ एवं बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।
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