दरभंगा एक्सप्रेसवे की रफ्तार सुस्त हुई

आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे की रफ्तार सुस्त : बारिश के अलावा मुआवजा भुगतान में देरी बनी बड़ी बाधा 
चर्चित इंडिया न्यूज़ / दरभंगा  ( कल्याणपुर ) दक्षिण और उत्तर बिहार को तेज रफ्तार सड़क संपर्क से जोड़ने वाली करीब 7,500 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (एनएच-119डी) परियोजना निर्धारित समय से पीछे चल रही है। दिसंबर 2026 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य अब बढ़ाकर वर्ष 2027 कर दिया गया है। परियोजना के विभिन्न हिस्सों में निर्माण जारी है, लेकिन दरभंगा और समस्तीपुर जिलों में कई कारणों से इसकी गति धीमी है। दरभंगा जिले में जहां करीब 20 से 25 किलोमीटर लंबे हिस्से में अंडरपास निर्माण के अलावा अधिकांश कार्य अधूरा है, वहीं समस्तीपुर में परियोजना के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर रणवीर कुमार ने बताया कि दोनों नदियों के बीच बनने वाले - पुल संख्या-35 का निर्माण जारी है। बारिश - और बागमती तथा बूढ़ी गंडक नदियों के बढ़े - जलस्तर ने रफ्तार धीमी कर दी है। कई स्थानों पर मिट्टी भराई अधूरी है, ओवरब्रिज और पुलों के पिलर बन जाने के बाद भी आगे का निर्माण रुका हुआ है। दूसरी ओर, मुआवजा भुगतान में विलंब, वन विभाग की ओर से पेड़ हटाने में देरी और जलभराव जैसी समस्याएं भी परियोजना के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि निर्माण एजेंसी का दावा है कि मौसम सामान्य होते ही काम में तेजी लाई जाएगी। प्रशासन का कहना है कि स्थानीय स्तर पर आने वाली बाधाओं का समाधान किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के पूरा होने पर गया, पटना और दरभंगा के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा मिथिलांचल में व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

* समस्तीपुर में नदियों में पानी से निर्माण प्रभावित, 109 छोटी पुलियों का निर्माण पूरा

* बागमती व बूढी गंडक का जलस्तर बढ़ने और बारिश के कारण कीचड़ के कारण कार्य बाधित।

दरभंगा : ओवरब्रिज के पिलर बन गए, आगे का निर्माण ठप

दरभंगा जिले में बहादुरपुर मोड़ से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 तक करीब 15 से 16 किलोमीटर हिस्से की पड़ताल में निर्माण कार्य कई स्थानों पर धीमा मिला। पांच से छह अंडरपास का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर मिट्टी भराई का कार्य अभी अधूरा है। कई जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं और अंडरपास अर्धनिर्मित स्थिति में हैं। लहेरियासराय से फेकला जाने वाली मुख्य सड़क पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के पिलर करीब छह माह पहले तैयार हो चुके हैं, लेकिन उसके बाद निर्माण लगभग ठप है। एमपी-13 के पास भी पिलर तैयार होने के बावजूद आगे का काम नहीं बढ़ पाया है। वहीं एनएच-27 के समीप भी कई स्थानों पर पिलर निर्माण और मिट्टी भराई अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।

2023 में शुरू हुआ था निर्माण, सात जिलों से गुजर रहा

करीब 189 किलोमीटर लंबे : 

आमस-दरभंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 31 मार्च 2023 से शुरू हुआ था। परियोजना को चार पैकेजों में विभाजित किया गया है और इसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की देखरेख में किया जा रहा है। प्रारंभिक योजना के अनुसार इसे 24 माह में पूरा किया जाना था, लेकिन सात जिलों मेंभूमिअधिग्रहण, जमीन हस्तांतरण में देरी, बड़े पुलों और एलिवेटेड हिस्सों के निर्माण की तकनीकी चुनौतियों तथा मानसूनी परिस्थितियों के कारण परियोजना निर्धारित समय से पीछे चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने और शेष मुआवजा भुगतान के बाद निर्माण मैं तेजी लाकर परियोजना को संशोधित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। नियाम... ईंट-भट्ठे को प्रशासन की पहल परहटाए जाने के बाद दोबारा शुरू हुआ कामपरियोजना के तहत प्रस्तावित 109 छोटी पुलियों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि इससे एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों में कार्य तेज होगा।

दरभंगा जिले के हायाघाट प्रखंड के नियाम गांव में निर्माण कार्य में बाधा बने ईंट-भट्ठे को जिला प्रशासन की पहल पर हटाए जाने के बाद वहां भी काम दोबारा शुरू हो गया है। जिले के चार अंचलों के कुल 33 मौजों में भूमि अधिग्रहण किया गया है। इनमें लगभग 80 प्रतिशत रैयतों को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष 20 प्रतिशत मामलों में कागजात की त्रुटियों और अन्य

प्रशासनिक कारणों से भुगतान लंबित है। -रवि कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, दरभंगा

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