आय के स्रोत से लेकर संपर्कों तक की चल रही पड़ताल 4 दिन की रिमांड में मनीष गुप्ता का नेटवर्क तलाश रही पुलिस

आय के स्रोत से लेकर संपर्कों तक की चल रही पड़ताल 4 दिन की रिमांड में मनीष गुप्ता का नेटवर्क तलाश रही पुलिस
चर्चित इंडिया न्यूज़ ( खगड़िया ) खगड़िया खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने वाले मनीष कुमार गुप्ता के चर्चित मामले में पुलिस ने अब जांच को उसके कथित नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों तक केंद्रित कर दिया है। न्यायालय के आदेश पर मनीष को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मनीष गुप्ता को 
शुक्रवार शाम उसे रिमांड पर लेकर गोगरी थाना लाया गया, जहां उससे पूछताछ चल रही है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह भी गोगरी थाना पहुंचे और करीब 30 मिनट तक रुककर मामले की जानकारी ली तथा मनीष से पूछताछ की। पुलिस सूत्रों के अनुसार रिमांड के दौरान मनीष के संपकों, उसके कथित नेटवर्क और पिछले वर्षों की गतिविधियों से जुड़े सवाल किए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से रहे और यह नेटवर्क खगड़िया के अलावा दूसरे जिलों तक कितना फैला हुआ है।

इसके साथ ही उसकी संपत्ति और आय के स्रोत की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसके पास कहां-कहां संपत्ति है और उसे अर्जित करने के लिए धन का स्रोत क्या रहा। छापेमारी के दौरान मनीष के ठिकाने से महंगी विदेशी शराब बरामद हुई थी। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि शराब कहां से मंगाई गई थी और इसकी आपूर्ति का माध्यम क्या था। इस बरामदगी के संबंध में अलग कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक भानू प्रताप सिंह के आदेश पर पूर्व में हुई छापेमारी के दौरान मनीष गुप्ता के पास से केंद्रीय सतर्कता आयोग का कथित पहचान पत्र मिला था, जिसे पुलिस सत्यापन में प्रथमदृष्टया फर्जी पाया गया।

 उसके आवास से टेस्ला और टाटा सफारी भी मिली थीं, जिन पर 'भारत सरकार' का बोर्ड लगा था।नौकरी-पोस्टिंग के दावों से जुड़े लोगों की भी तलाशपुलिस की पूर्व जांच में सामने आया था कि मनीष खुद को बड़ा अधिकारी बताकर नौकरी लगवाने, मनचाही जगह पोस्टिंग और ट्रांसफर कराने, केस मैनेज कराने तथा सरकारी काम कराने का दावा करता था। रिमांड के दौरान इन दावों से जुड़े संपकों और कथित आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि ऐसे दावों के आधार पर किन लोगों से संपर्क किया गया और कहीं किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। पूर्व में जब्त मोबाइल, लैपटॉप और हार्ड डिस्क भी जांच में अहम हैं।


"मनीष कुमार गुप्ता को न्यायालय के आदेश पर चार दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। उसके संपकों, नेटवर्क, संपत्ति और आय के स्रोत समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।" -

 भानु प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक, खगड़िया " 

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