कुशेश्वरस्थान पक्षी विहार में विदेशी " मेहमानों " का आना बंद
कुशेश्वरस्थान पक्षी विहार में विदेशी " मेहमानों " का आना बंद
न ठंड , न ही पानी ---- नतीजा लोग न तो पक्षी विहार का ले पा रहे हैं आनंद और न ही ट्रेन का कर रहे सफर
चर्चित इंडिया न्यूज़ विजय कुमार चौधरी ( समस्तीपुर / दरभंगा ) मेहमान पक्षियों की चहचहाट से गूंजने वाले कुशेश्वरस्थान पक्षी विहार वीरान है। करीब चार से पांच साल से यह स्थिति बनी हुई है। अब पक्षी विहार की जमीन पर लोग खेती करने लगे हैं । मिथिला वन प्रमंडल की पदाधिकारी का दावा है कि इसके विकास के लिए पहल की जा रही है , आखिर वन विभाग की पहल कब लाएगा रंग इस वजह से कुशेश्वरस्थान से हसनपुर तक बनने वाली नई रेल लाइन पर भी ब्रेक लगा हुआ है । विदेश से आते थे मेहमान हो पक्षी सैकड़ो वर्षों से पक्षी विहार में ठंड के दस्तक के साथ ही रूस ,अफगानिस्तान, साइबेरिया, भूटान , पाकिस्तान चीन मंगोलिया सहित कई देशों से मेहमान पक्षियों का आना रहा है। पक्षियों में दलमैत , वार हेदिद,कलहंस ,साइबेरियन ,क्रेन ओरिएंटल आदि थे । सुबह शाम इन पक्षियों की चहचाहट से पूरा इलाका मनभावन रहता था लेकिन ना पानी है ना ही सर्दी है और ना ही विभाग इस पर ध्यान दे रहा है । जिस कारण पक्षी विहार अभ्यारण वीरान है।
2024 में भी पूरी नहीं हुई हसनपुर से सकरी रेल परियोजना :
वर्ष 2024 में भी हसनपुर से सकरी रेल परियोजना की आस पूरी नहीं हो सकी । जबकि 28 मार्च 2023 को हसनपुर रोड से बिथान तक ट्रेन का स्पीड ट्रेन हुआ । सीआरएस के निरक्षण के बाबजूद भी ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं हुआ । इस बड़ी रेल परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन रेल मंत्री रामविलास पासवान ने 1996 में किए थे । यह इलाका खगड़िया लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है । खगड़िया से सांसद भी लोजपा (आर ) के राजेश वर्मा हैं। इसके प्रमुख चिराग पासवान है । फिर भी तत्कालीन रेल मंत्री के सपनों को साकार नहीं किया जा रहा है। सीआरएस निरीक्षण के लगभग 22 माह बीतने वाला है। हसनपुर रेलवे स्टेशन को जंक्शन स्टेशन का दर्जा तो प्राप्त है , लेकिन हसनपुर रोड स्टेशन से बि थान तक ट्रेन नहीं चलाई गई । सीआरएस निरीक्षण से लोगों में है आशा जगी थी की बाढ़ ग्रसित इलाकों में बिथान के लोगों को ट्रेन सुविधा अब जरूर मिलेगी । वहीं विकास का द्वारा खुलेगा । ज्ञात हो 1976 ईस्वी में पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने छोटी रेल लाइन का शिलान्यास किए थे। वर्ष 1996 में पूर्व रेल मंत्री रामविलास पासवान ने बड़ी रेल लाइन का शिलान्यास किया । 2008 में सकरी से बिरौल तक रेल परिचालन शुरू हुआ । 2018 में बिरौल से हरी नगर तक ट्रेन चलाई गई ।
30 साल से पक्षी विहार का कागज पर : -
वर्ष 1994 में कुशेश्वरस्थान को पक्षी अभ्यारण की घोषणा की गई । इसके लिए 29.21 वर्ग किलोमीटर तक भूमि लेने की भी घोषणा की गई थी । लेकिन 30 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह पक्षी विहार कागज पर चल रहा है ।
बाढ़ नहीं आने से ऐसी स्थिति बनी :
स्थानीय लोगों का कहना है कि कमला - बलान पश्चिमी तटबंध के निर्माण तथा फुहिया स्थित स्विस गेट निर्माण के बाद से यहां के स्थानीय चौर में बाढ़ के पानी का आना बंद हो गया है । समय से पहले चौर सूख जाने से विदेशी पक्षी अपना आशियाना बदलने लगे हैं ।
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